Friday, September 23, 2016

Before intervention of NHRC, there is intervention by Chief Minister of UP against

Breaking impunity against police torture  :



आवेदन का विवरण

शिकायत संख्या

15197160108476

आवेदक कर्ता का नाम:

डा0 लेनिन रघुवशी

आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:

9935599333,0

विषय:

मुरादाबाद पुलिस ने युवक को पिलर से बांधकर बेरहमी से पीटर,वीडियों वायरल हाेने से हो रही फजीहत के संबंध में।

नियत तिथि:

27 - Sep - 2016

शिकायत की स्थिति:

लम्बित




अग्रसारित विवरण-

क्र.स.

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश दिनांक

अधिकारी को प्रेषित

आदेश

आख्या दिनांक

आख्या

स्थिति

आख्या रिपोर्ट

1

आख्या

अजय कुमार सिंह(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )

07 - Sep - 2016

प्रमुख सचिव/सचिव -गृह एवं गोपन

कृ0 मा0 मुख्‍यमंत्री जी को प्रेषित ईमेल संख्‍या 118075 में उल्लिखित प्रकरण में तत्‍काल कार्यवाही किए जाने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराये जाने की अपेक्षा की गयी है।



अधीनस्थ को प्रेषित


2

आख्या

प्रमुख सचिव/सचिव (गृह एवं गोपन )

21 - Sep - 2016

वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक-मुरादाबाद,पुलिस

कृपया नियमानुसार कार्यवाही करके तत्काल आख्या/ प्रस्ताव भेंजे।

22 - Sep - 2016


निस्तारण हेतु लंबित



To,                                                                                             22, August, 2016  
Honourable Chairperson,
National Human Rights Commission,
New Delhi.
Respected Sir,
 
Therefore it is kind request please take appropriate action at earliest.
 
  
Thanking You,
 
Sincerely Yours,
Dr. Lenin Raghuvanshi
CEO
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights
SA 4/2 A Daulatpur, Varanasi - 221002
Mobile No: +91-9935599333
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Sunday, 21 August 2016
मुरादाबाद पुलिस ने युवक को पिलर से बांधकर बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने से हो रही फज़ीहत

मुरादाबाद: एक तरफ प्रदेश के पुलिस मुखिया अपनी पुलिस से ऑपरेशन विश्वास चलाने का हुक्म दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रदेश की मित्र पुलिस अमानवीय हरकतों में जुटी हुी है। ताजा घटना मुरादाबाद के कांठ थाने की है। जहां पुलिस ने एक युवक को बांध कर बुरी तरह मारा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।










अमानवीय पिटाई
-मुरादाबाद के कांठ थाने की पुलिस ने एक युवक को नशे की हालत में पकड़ लिया।
-पुलिस ने उसे अर्द्धनग्न करके एक हॉस्पिटल के बरामदे में पिलर से बांध दिया।
-इसके बाद पुलिस उसे बेरहमी से पीटती रही और वह आजाद होने के लिए चीखता छटपटाता रहा।
-युवक को हथकड़ी लगा कर करीब घंटे भर तक बुरी तरह मारा गया।



प्रशासन में हड़कंप
-थाना छजलेट निवासी युवक का नाम जितेंद्र बताया जा रहा है।
-किसी ने पुलिस की इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया।
-यह घटना तब हुई है जब बुलंदशहर और आसपास पुलिस उत्पीड़न पर सवाल उठे और डीजीपी ने सर्कुलर जारी करके पुलिस से लोगों का विश्वास हासिल करने के निर्देश दिए हैं।
-इसलिए वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों से जवाब देते नहीं बन रहा है।

-
बहरहाल, एसएसपी नितिन तिवारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
-डीआईजी ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Sunday, September 18, 2016

OPEN LETTER TO SAARC LEADERS ON HUMAN RIGHTS INSTRUMENTS

https://bargad.org/2016/09/18/open-letter-to-saarc-leaders/



#SAARC #humanrights #u4humanrights

Challenging Law: Voices from Civil Society

Civil societies have been critical to these laws. In October, 2012, J. L. Chugh, joint secretary of the Indian Home Ministry, issued a statement to the local People’s Vigilance Committee (PVCHR) on Human Rights in India, and said a hearing would be convened to discuss the sedition law. PVCHR believes that concerned law is incompatible with democracy. PVCHR requested that the Indian parliament should immediately repeal this colonial era sedition law.
The Committee to Protect Journalist also believes that repealing such law would represent a commitment to press freedom and human rights that is in keeping with India’s democratic character. Democracies across the globe have already acted to repeal their sedition laws.
#dissent #u4humanrights #CPJ

Saturday, September 17, 2016

India:Kashmir needs a healing touch

From the Indian side, human rights activist like Lenin Reghuvansi has been vocal against Narendra Modi government’s iron fist strategy in handling the Kashmir issue which has resulted in a large number of casualties. In ‘Culture of silence and Kashmir ,’ Lenin wrote, ‘The Modi government’s strategy over the last two months in Kashmir has amounted to ignoring the scale of casualties and depth of suffering, maintaining silence for extended periods, making the odd, weak statement about the pain of Kashmiris with barely a reference to blinded children, and ritually reiterating that J-K is an integral part of India’. In past, Lenin’s NGO People’s Vigilance Committee on Human Rights has filled complained with the National Human Rights Commission of India regarding the torture and death of a Kashmir youth in police custody and fighting against the police torture. On the Pakistani side, institutions such as Institute for Peace and Secular Studies (IPSS) are performing an important role for easing the tension between India and Pakistan by stressing the people to people contact. In this connection, IPSS has been advocating ‘Pakistan-India Peace and Visa Policy relaxation’ policy . Cleary, if visa policy between two warring nations relaxed, cultural diplomacy at the people to people level could initiate stalled peace process. When peace is shattered only a disaster is left. Violence can hardly achieve anything. But PEACE can. And this is the right time for civil society to initiate the peace process in the Kashmir and lend a healing hand to Kashmiri people. 

It is an analytical article by Amit Singh publsihed in Oslo Times:
 See more at: http://www.theoslotimes.com/article/india%3Akashmir-needs-a-healing-touch

#kashmir #modi #India #pakistna #u4humanrights #healing #peace

वाराणसी में महिला बंदियों को पुरुष बंदियों के साथ अदालत में पेशी के मामले पर मानवाधिकार जननिगरानी समिति के पैरवी पर माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रमुख सचिव गृह एवं गोपन को दिया जांच का आदेश


 
 
 
प्रिय श्रीमान / सुश्री डा0 लेनिन रघुवंशी (सीईओ),
                  
आपका पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय में ई-मेल minority.pvchr@gmail.com द्वारा दिनांक 12/08/2016 को प्राप्त हुआ जिसे आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव/सचिव -गृह एवं गोपन को भेज दिया गया है। आपके पत्र की सन्दर्भ संख्या 15197160106005 है। विस्तृत जानकारी हेतु कृपया जनसुनवाई पोर्टल http://jansunwai.up.nic.in देखने का कष्ट करें।

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
15197160106005
आवेदक कर्ता का नाम:
डा0 लेनिन रघुवंशी (सीईओ)
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9935599333,0
विषय:
0 प्र0 के वाराणसी जिले में आदलत में पेशी पर लाने-ले-जाने के लिए महिला व पुरूष बंदियों को भूसे की तरह भरकर एक ही वैन में लाने व ले जाने के संबंध में।
नियत तिथि:
23 - Sep - 2016
शिकायत की स्थिति:
लम्बित

 

अग्रसारित विवरण-
क्र.स.
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
आख्या
अजय कुमार सिंह(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )
06 - Sep - 2016
प्रमुख सचिव/सचिव -गृह एवं गोपन
कृ0 मा0 मुख्‍यमंत्री जी को प्रेषित ईमेल संख्‍या 116029 में उल्लिखित प्रकरण में तत्‍काल कार्यवाही किए जाने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराये जाने की अपेक्षा की गयी है।